पहले के समय में किसी लकड़ी या प्लास्टिक को काटने के लिए कारीगरों को अपने हाथों से मशीन चलानी पड़ती थी उसी की जगह आज सी एन सी ने ले ली हैं। सी एन सी का पूरा नाम कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल है सरल शब्दों में कहे तो यह एक स्वचालित मशीन है जो कंप्यूटर के दिशा निर्देश पर चलती है
यह काम कैसे करती है?
सी एन सी मशीन के काम करने के तरीके को हम तीन तरीकों से समझ सकते है जो इस प्रकार है।
1, डिजाइन बनाना –
सबसे पहले कंप्यूटर पर एक विशेष साफ्टवेयर कि सहायता से जैसे AutoCAD कि सहायता से डिजाइन तैयार किया जाता है जो हमे बनानी होती है वो भी 3D में।
2, कोड में बदलना –
कंप्यूटर में डिज़ाइन किए गए 3D डिजाइन को एक कोड में बदला जाता है जिसे M- cord और G- cord कहते हैं। यह कोड मशीन की मदद करता है यह मशीन को बताया है कि उसे कहा मुड़ना है, कितना गहरा काटना है और कितनी गति से चलना है।
3, मशीनिंग –
इस बने कोड को सी एन सी मशीन में सेट कर दिया जाता है इसके बाद मशीन का कटर कोड के अनुसार अपने आप घूमकर कच्चे माल को सही आकार में काट देता है।
* सी एन सी मशीन के प्रकार *
सी एन सी मशीन कई प्रकार कि होती है अलग अलग कारखानों में अलग अलग सी एन सी मशीनों का उपयोग किया जाता है जिनमें से मुख्य निम्न प्रकार है –
1 ,सी एन सी लेथ मशीन –
सी एन सी लेथ मशीन का उपयोग किसी गोल धातु या लकड़ी को आकर देने के लिए किया जाता है यह धातु को गोल गोल घूमती है ओर आकार प्रदान करती है। जैसे नट – बोल्ट।

2, सी एन सी मिलिंग मशीन –
इसमे वस्तु नहीं घूमती बल्कि कटर खुद घूमता है ओर स्थिर रखे हुए सामान को काटकर उसमें गियर या डिजाइन बनाता है।

3 ,सी एन सी राउटर –
इसका उपयोग ज्यादतर लड़की पर डिजाइन बनाने के लिए किया जाता है ये हमे ज्यादा देखने को मिलता है जहां भी लकड़ी के दरवाजे लगे होते हैं उनपर जो नक्काशी की जाती है वो इसी मशीन से की जाती हैं।

4 ,सी एन सी लेजर कटर –
यह बहुत तेज लेजर बीम की मदद से मेटल की भारी प्लेटों को मक्खन की तरह कट देता है।

* सी एन सी मशीन का उपयोग *
पहले किसी बड़ी चीज को काटने ओर बनाने में बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता था पर अब हर बड़ी चीज को बनाने में सी एन सी का हाथ है:
० ऑटोमोबाइल –
कारों, बाइक के इंजन के पार्ट्स बनाने में हार एक मुश्किल वस्तु को काटने में।
० एयरोस्पेस –
हवाई जहाज और रॉकेट के कलपुर्जे बनाने में।
० फर्नीचर –
लकड़ी के दरवाजे ओर पलंग पर शानदार डिजाइन बनाने में।
० मेडिकल –
सर्जरी के बारीक औजार ओर आर्टिफिशियल हाथ पैर बनाने में।
* सी एन सी के फायदे *
हाथ से चलने वाली मशीनों के मुकाबले सी एन सी के कई बड़े फायदे हैं –
1 सटीकता –
यह सी एन सी मशीन कंप्यूटर से चलती है जिससे इसके काम में गलती होने की संभावना बहुत कम होती है और किए हुए काम में गुणवत्ता भी होती हैं पहले जब मानव इसी काम को अपने हाथों से करता था तो कई गलती होती थी और बार बार उस काम को करना पड़ता था पर अब सी एन सी ने इस काम को आसान बना दिया है।
2 तेज रफ्तार –
सी एन सी मशीन ने कार्य क्षमता में वृद्धि की है पहले जिस काम को इंसान घंटों में करता था अब वही काम मशीन मिनटों में पूरा कर देती है।
3 लगातार काम –
जब इंसान काम करता है तो वह थक भी जाता है ओर उसे आराम करना पड़ता है जिससे काम बाधित होता है ओर समय भी ज्यादा लगता है पर वही काम मशीन दिन रात 24 घंटे बिना रुके कर सकती है जिससे अधिक से अधिक काम किया जा सकता है।
4 सुरक्षा –
ऐसे कई काम होते है जिनको करने में इंसान को जान की हानि हो सकती है हमे सुनने में भी आता है कि आज ये हादसा हो गया कल वो, पर सी एन सी के उपयोग से मानव सुरक्षा बढ़ गई है बिना जान की हानि के आसान तरीके से काम किया जा सकता है।
निष्कर्ष –
सी एन सी मशीन एक ऐसी जादुई कुल्हाड़ी या आरी है, जिसे इंसान हाथ से नहीं बल्कि कंप्यूटर दिमाग से चलाता है जिससे हर बार परफेक्ट और खूबसूरत चीजें बने।