मशीनें तो हम सबने देखी है उन्हीं में से एक लेथ मशीन होती है यहां हम उसी के बारे में जानेंगे
मशीनें हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है अब इनके बिना हम अपने जीवन के हर काम को करने में असमर्थता महसूस करते है और आज हमारे बीच मशीन के कई रूप शामिल है जिससे से एक लेथ मशीन है।
लेथ मशीन क्या है???
आपके पास लकड़ी या लोहे का गोल टुकड़ा है और आपको उसको कोई शेप देना हो या डिजाइन बनानी है तो लेथ मशीन यही काम करती है।
इसमें जो लेथ मशीन होती है वो एक जगह फिक्स होती है उसमें लकड़ी के टुकड़े या धातु को फंसा कर तेजी से घुमाया जाता है ओर उसमें डिजाइन बनाई जाती है ओर शेप दिया जाता है। और हमे मनचाहा आकर मिल जाता है।
# लेथ मशीन के प्रकार #
जिस तरह मशीनों के कई प्रकार है उसी तरह लेथ मशीन के भी अपने कई रूप है जो इस प्रकार है –
1 बेंच लेथ –
बेंच लेथ बहुत छोटी मशीन होती है जिसे किसी टेबल पर फिक्स किया जा सकता है यह छोटे छोटे औजार बनाने जैसे पेंच पुर्जे बनाने के काम आती है। गहने बनाने में भी लेथ मशीन का उपयोग किया जाता है।
2 स्पीड लेथ –
यह बहुत तेज घूमने वाली मशीन है इसमें मानव को खुद अपने हाथों से लकड़ी या धातु के टुकड़े को आगे पीछे करना होता है इसमें कोई गियर या ऑटोमैटिक सिस्टम नहीं होता। लकड़ी पर डिजाइन के लिए इस मशीन का उपयोग किया जाता है।
3 इंजन लेथ –
यह सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाली मशीन है पहले यह भाप के इंजन से चलती थी इसलिए इसे इंजन मशीन कहते है अब तो यह बिजली से चलने लगी है इसके उपयोग हर छोटी बड़ी दुकान में किया जाता है लोहे को काटने या उसमें चूड़ी बनाने के लिए।
4 टूल लेथ –
यह दिखने में तो इंजन मशीन की तरह ही होती हैं पर काम उससे तेज ओर सटीकता से करती है। इसका उपयोग बहुत सटीक साइज वाले औजार बनाने में किया जाता है।
5 कैप्सटन लेथ –
यह काम समय में एक साथ हजारों पुर्जे बना सकती है इसमें एक बार में कई सारे ओजार फिट कर दिये जाते है जिससे बार बार औजार बदलने की आवश्यकता नहीं होती ओर एक बार में हजारों पुर्जे का निर्माण किया जाता है।
6 सी एन सी लेथ –
यह आधुनिक युग की लेथ मशीन है जो कंप्यूटर से चलती है इसमें कंप्यूटर में प्रोग्रामिंग कर दी जाती हैं जिससे मशीन अपनी आप सारे काम खुद कर देती है आज के समय में जादातर फैक्ट्रियों में सटीकता से काम करने के लिए इसी मशीन का उपयोग किया जाता है ।
० लेथ मशीन के हिस्से
लेथ मशीन कई पुर्जों से बनी होती है इसके कई हिस्से है जो इस तरह है –
1 बेड –
यह मशीन का आधार होता है इस पर ही मशीन का पूरा ढांचा टिका होता है।
2चक –
जो हिस्सा लकड़ी को कसकर पकड़ता है और घूमता है उसे चक कहा जाता है।
3 हेडस्टार्क –
यह मशीन का पावरहाउस होता है जो चक को घूमता है।
4 टेलस्टार्क –
किसी लंबी वस्तु को दूसरी तरफ से सहारा देने के लिए।
5 टूल पोस्ट –
जिसमें धारदार हथियार को कसा जाता है उसे टूल पोस्ट कहते हैं।
० लेथ मशीन से होने वाले काम
लेथ मशीन से बहुत बारीक ओर सटीकता से किए जाने वाले काम किए जाते है जिनमें से कुछ इस तरह है –
1 छीलना –
इससे लकड़ी को छील कर उसकी मोटाई को कम किया जाता है।
2 सपाट करना –
यह लकड़ी की किनारो को सपाट या चिकना कर देती है।
3 चूड़ी बनाना –
यह पेंच पुर्जे को कसने के लिए चूड़ी बनाने का काम भी करती है।
4 छेद करना –
यह किसी वस्तु के बीच में छेद करना का भी काम करती है।
कई ऐसी मशीनें है जिनमें औजार घूमता है ओर वस्तु स्थिर रहती है पर लेथ मशीन में मशीन स्थिर रहती है ओर वस्तु घूमती है
निष्कर्ष –
लेथ मशीन को आज के समय में “मशीनों का राजा” कहा जा सकता है क्योंकि फैक्ट्री में बनने वाले लगभग हर गोल पुर्जे को आकर देने का काम यही करती है लेथ मशीन मैकेनिकल इंजीनियर की रीढ़ की हड्डी है जिसके बिना आज के आधुनिक पेंच पुर्जे बनाना नामुमकिन है।