आज हम कंप्यूटर एडिड डिजाइन के बारे में जानेंगे
आपने कभी सोचा है हमारे आस पास दिखने वाली हर चीज जैसे कार, टीवी , कूलर
आदि ,
जो भी हर वस्तु हम अपने आस पास देखते है वह सीधा वैसे ही बनकर तैयार नही होती उसे बनाने के लिए पहले ही उसका डिजाइन तैयार किया जाता है और देखा जाता है कि यह वस्तु बनने के बाद कैसी लगेगी
इसको किस तरीके से बनाया जाए कि इसमें कोई कमी ना रह जाए और लोग बिना दिक्कत के इसका इस्तेमाल कर सके। इसके लिए ही कंप्यूटर एडिड डिजाइन का उपयोग किया जाता है तो आगे हम इसके बारे में चर्चा करेंगे।
० कंप्यूटर एडिड डिजाइन –
पहली के समय में जब भी किसी उत्पाद का निर्माण किया जाता था तो पहले इंजिनियर उसका डिजाइन पेपर पर तैयार करते थे ओर अगर उसमें कोई गलती हो गई तो फिर दुबारा से दूसरे कागज में डिजाइन बनाना पड़ता था

जो कि बहुत समय लेता था ओर मुश्किल भी था।
पर अब यही काम कंप्यूटर पर किया जाता है कंप्यूटर पर ही डिजाइन बनाई जाती है ओर एडिड की जाती है इसे ही कंप्यूटर एडिड डिजाइन कहते है कंप्यूटर पर डिजाइन बनाने से कई फायदे हैं
इसमें डिजाइन जल्दी तैयार हो जाती है और अगर कोई गलती हो जाए तो आसानी से इसे सुधारा जाता है।
० सॉलिडवर्क्स???
अब सबके दिमाग में आ रहा होगा कि कंप्यूटर एडिड डिजाइन तो हम समझ गए पर यह सॉलिडवर्क्स क्या है चलो तो यह जानते हैं
यह एक कंप्यूटर एडिड डिजाइन का सॉफ्टवेयर है जिसके जरिए डिजाइन तैयार की जाती हैं यह 3 डी डिजाइन तैयार करने के काम आता है।
० सॉलिडवर्क्स 3 स्टेप में काम करता है –
1 पार्ट डिजाइन –
सबसे पहले सॉलिडवर्क्स में वस्तु के पार्ट को डिजाइन किया जाता है कि उसके पार्ट कैसे बनेंगे।
2 सभी पार्ट्स को जोड़ने –
जब वस्तु के पार्ट को डिजाइन कर लिया जाता है फिर उन्हें जोड़ा जाता है कि इन्हें कैसे जोड़ा जाए और ये कैसे काम करेंगे।
3 2 डी ड्राइंग –
2 डी शीट में सतह पर डिजाइन किया जाता है इसमें गहराई ओर ऊंचाई नहीं होती उत्पाद करते समय 3डी डिजाइन के लिए पहले हमे 2 डी शीट की आवश्यकता पड़ती है।
० सॉलिडवर्क्स ( बेसिक प्रोसेस)???
सॉलिडवर्क्स में निम्न तरह प्रोसेस कर डिजाइन तैयार की जाती है –
1 प्लेन चुने –
सबसे पहले डिजाइन तैयार करते समय प्लेन चुना जाता है जैसे ऊपर की डिजाइन के लिए या फिर सतह चुने अंदर की डिजाइन के लिए या साइड कि डिजाइन के लिए।
2 2डी स्केच बनाए –
प्लेन चुनने के बाद 2डी स्केच तैयार किया जाता है जिसके लिए वृत्त, रेखाओं आयत की मदद ली जाती है इनका जरिए ही 2डी स्केच बनाया जाता है।
3 3डी में बदले –
अब 2 डी स्केच को 3 डी डिजाइन में बदला जाता है इसमें डिजाइन को खींच कर गहराई दे कर 3डी शेप दिया जाता है।
4 फिनिशिंग –
3डी शेप देने के बाद उसमें फिनिशिंग दी जाती है जैसे उनकी कोनो को शेप दिया जाता है।
०सॉलिडवर्क्स के लाभ ०
सॉलिडवर्क्स के हमे निम्न लाभ है –
1 समय कि बचत –
सॉलिडवर्क्स में डिजाइन तैयार करने से समय की बचत होती है पहले जहां डिजाइन तैयार करने में महीनों लग जाते थे वही काम अब घंटों में हो जाता हैं।
2 मजबूती की जाँच –
वस्तु मजबूत बनी है या नहीं यह पहले ही चेक कर लिया जाता है हम पहले से ही कंप्यूटर पर यह चेक कर लेते है कि यह वस्तु कितना वजन सह पाएगी या नहीं ओर भी मजबूती की जाँच ऐसे ही हो जाती हैं।
3 उत्पादन में वृद्धि –
इसके उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई है नई नई मशीनों का निर्माण हो गया है जिससे जटिल से जटिल वस्तु को आसानी से बनाया जा सकता है।
4 अर्थव्यवस्था में मजबूती –
उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि से हमारी अर्थव्यवस्था की भी मजबूत हो रही है क्यों कि अब हम जटिल से जटिल वस्तु खुद तैयार कर रहे हैं जिससे दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो रही है।
निष्कर्ष –
उत्पादन के क्षेत्र में कंप्यूटर एडिड डिजाइन और सॉलिडवर्क दो मजबूत स्तंभ है जिन्होंने हमारे उत्पादन स्तर को जमीन से उठाकर शिखर तक पहुंचा दिया है।