ए आई की दुनिया जादुई दुनिया है वो कैसे आओ आगे जानते है हमे निरंतर काम करते रहने के लिए ताकि हम प्रगति कर सके ओर अच्छा जीवन जी सके उसके लिए हमे अपना निरंतर चेकअप करवाना पड़ता है
ताकि हम बीमार ना पड़ पाए उसके पहले ही हमे पता चल जाए कि कही कुछ परेशानी आने वाली तो नहीं है ताकि हम वक्त रहते उसका इलाज करवा सके और एक स्वस्थ और लंबा जीवन जी सके।
इसी तरह मशीनें भी बिना खराब हुए और बिना रुके लगातार काम करती रहे इसके लिए हमें उनका वक्त वक़्त पर चेकअप करते रहना चाहिए जिसके लिए कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है
उसी में से एक प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग AI है जिसका उपयोग कर हम मशीनों की गुणवत्ता की जाँच करते रहते हैं तो आइए अब हम प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस की चर्चा करते हैं।
० प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस ०
प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस में मशीनों का पूर्व अनुमानित रखरखाव किया जाता है इसका मतलब है मशीनों के खराब होने से पहले ही उनका इलाज।
जैसे, जब हम अपने निरंतर चेकअप के लिए जाते है और डॉ हमारी ब्लड टेस्ट देख कर हमे पहले ही बता देता है कि आपको भविष्य में कौन सी बीमारी हो सकती है
इसी तरह प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस भी मशीनों का डेटा देख कर बता देती है कि मशीन कब और कहा से खराब होने वाली है।
० उद्देश –
इस तकनीक को उपयोग करने के पीछे कुछ उद्देश्य है जो इस तरह है –
1 मशीनों की लंबी उम्र –
प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग AI इस्तेमाल करने के एक उद्देश्य मशीनों की उम्र को लंबा करना है उनका वक्त वक़्त पर रखरखाव होता रहता है जिससे मशीनें लम्बे बनी रहती है और जल्दी खराब नहीं होती।
2 समय की बचत –
अगर मशीन का रखरखाव नहीं किया जाए तो मशीन खराब हो जाएगी फिर मशीन में क्या खराब है का पता लगाना फिर उसे ठीक करने में बहुत वक्त जाएगा पर प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग तकनीक से मशीनों में खराबी आने के पहले ही पता चल जाता है जिससे उसे समय से ठीक कर लिया जाता है।
3 खर्च कम करना –
मशीन खराब हो जाती तो इसे ठीक करवाने पर बहुत धन खर्च करना पड़ता पर प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस से हमे पहले ही पता चल जाता है कि कब क्या खराबी आने वाली है जिससे उसे हम पहले ही ठीक कर लेते है ओर धन कम लगता है।
4 हादसों को रोकना –
अगर हमे पता ना हो कि मशीन में क्या खराबी होने वाली है ओर काम के समय ही उसमें कुछ खराबी आ गई तो वंहा जो मजदूर होगे उनकी जान को खतरा हो सकता है प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस ने इन हादसों को रोकना में बहुत मदद की है।
० यह कैसे काम करता है ०
प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग AI का यह जादू मुख्य रूप से 4 स्टेप में पूरा होता है।
1 सेन्सर लगाना –
मशीन के अंदर सेंसर लगा दिए जाते है जो मशीन की हर गतिविधि पर नजर रखते है।
2 डेटा इकठ्ठा करना –
सेंसर लगाने के बाद जो डाटा सेंसर देता है वह कंप्यूटर में इकठ्ठा किया जाता है।
3 AI प्रोसेस –
फ़िर ai प्रोसेस करता है या यू कहा जाए कि ai अपना दिमाग लगाया है कि मशीन पहले कैसे काम कर रही थी और अब कैसे कर रही है वह मशीन के काम में तुलना करती है और अग़र कुछ सामान्य से कुछ अलग होता है तो वह उसी तुरंत पकड़ लेता है।
4 ए आई से अलर्ट भेजना –
मशीन के खराब होने से पहले ही ai इंजीनियर को मैसेज भेज देता है कि मशीन का यह हिस्सा दो दिन में खराब हो सकता है इसे ठीक करवा ले।
० पुराने रखरखाव और ai रखरखाव में अंतर
पुराने रखरखाव में जब मशीन खराब हो जाती थी तभी उसमें सुधार किया जाता था जैसे साइकल के टायर के पंचर हो जाने पर उसे सुधारना। पर प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस में हर 6 महीने में मशीन के हिस्से बदलना चाहे इसकी जरूरत हो या नहीं। जैसे कार के 30000km चल जाने पर सर्विसिंग चाहे उससे कुछ खराब हो या ना हो।
० प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग ai का उपयोग ०
वैसे तो अब हर क्षेत्र में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है पर कुछ विशेष क्षेत्र है जहां इसका इस्तेमाल बहुत जरूरी ओर उपयोगी है। जैसे –
1 फैक्ट्रियों में –
बड़ी बड़ी फैटरियों में बड़ी स्तर पर काम किया जाता है जिससे बहुत सी मशीनों ओर कारीगरों का इस्तेमाल किया जाता है तो इसमें प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस का उपयोग किया जाता है।
2 हवाई जहाज –
इसमें भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है ताकि समय से हवाई जहाज के इंजन का रखरखाव किया जा सके ताकि कोई जान मान की हानि ना हो।
3 रेलवे –
रेलवे में भी रेल की पटरियों की जाँच और इंजन की जाँच के लिए इसका उपयोग किया जाता हैं।
4 ऊर्जा क्षेत्र –
बिजली कार्यक्षेत्र ओर गैस फैक्ट्रियों में में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
० प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग ai के लाभ ०
हर तकनीक के हमे कुछ ना कुछ लाभ जरूर मिलते है जो हमारे लिए तरक्की का रास्ता खोलते है यह तकनीक भी इन्हीं में से एक है
1 सुरक्षा –
प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस यूजिंग ai के इस्तेमाल से भविष्य में होने वाली घटनाओं से बचा जा सकता है यह इसका एक मुख्य लाभ है।
2 जरूरी पार्ट की अदला – बदली –
मशीन में किस पार्ट को बदलने की आवश्यकता है वह हमे समय से पता चल जाता है और पार्ट बदले जाते है।
3 समय कि बचत –
भविष्य में होने वाली खराबी से बचा जा सकता है जिससे समय की बचत होती हैं।
4 लागत कम करना –
मशीन के खराब होने से पहले ही हमे पता चल जाता है जिससे लागत में कमी आती हैं।
5 मशीनों कि लंबी आयु –
मशीनों के रखरखाव से मशीनों की आयु लंबी हो जाती हैं जिससे यह लम्बे समय तक काम करती रहती है।
निष्कर्ष –
AI आधारित प्रिडिक्टिव मेंटिनेंस मशीनों की आवाज और चाल का सुनकर आने वाले खतरे का अंदाजा लगा लेता है, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं और भारी नुकसान रुक जाता है।